त्रिपुरा भैरवी हवन यज्ञ

Tripura Bhairavi Hawan

माँ त्रिपुर भैरवी की जयंती के दिन पूजा, मंत्र जप, हवन यज्ञ आदि कर्म करने से प्रसन्न होकर माता सारे दुख, क्लेश नष्ट हो जाते हैं। साधना पूरी होने के बाद मन्त्रों का जाप करने के बाद दिए गये मन्त्र जिसका आपने जाप किया हैं उस मन्त्र का दशांश ( 10% भाग ) हवन अवश्य करें ! हवन में कमल गट्टे, कलम पुष्प, शुद्ध घी व् हवन सामग्री को मिलाकर आहुति दें ! हवन के बाद त्रिपुर भैरवी यंत्र को अपने घर के मंदिर या तिजोरी में लाल वस्त्र से बांधकर एक साल के लिए रख दें . और बाकि बची हुई पूजा सामग्री को नदी या किसी पीपल के नीचे विसर्जन कर आयें ! ऐसा करने से साधक की साधना पूर्ण हो जाती हैं ! और साधक के ऊपर माँ त्रिपुर भैरवी देवी की कृपा सदैव बनी रही हैं ! त्रिपुरा भैरवी मंत्र हवन यज्ञ तर्पण मार्जन साधना करने से साधक के जीवन में धन, धान्य और यश प्रदान करती है ! और साधक के जीवन की दरिद्रता समाप्त हो जाती है!

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